
ग्रामीणों ने बताया कि अब हालात इतने खराब हैं कि उन्हें 10-10 दिन के अंतराल पर ही पानी मिल पाता है, वह भी बिना किसी निश्चित समय के। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच पानी आता है, जब ज्यादातर लोग नरेगा कार्यों या अन्य कामकाज के लिए घर से बाहर रहते हैं। ऐसे में पानी व्यर्थ बह जाता है और घरों में पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाता। ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि कई बार तो बच्चों और बुजुर्गों को प्यासा रहना पड़ता है।
चौहान कॉलोनी निवासी राजू सिंह चौहान ने बताया कि “हमने दो साल पहले ₹3000 जमा कर नियमित जल कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, लेकिन आज तक एक दिन भी तय समय पर पानी नहीं मिला। लोग मीठे पानी के लिए तरस रहे हैं।” उन्होंने कहा कि कई बार पंचायत और जल विभाग के अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला, समाधान नहीं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई लोगों से सर्विस चार्ज के नाम पर पैसे वसूले गए थे। कुछ को रकम लौटा दी गई, लेकिन कई पंचायतों में यह राशि आज भी अटकी हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि यह भी एक तरह से ग्रामीणों के साथ आर्थिक अन्याय है। “अगर सरकार और विभाग ईमानदारी से काम करते, तो आज यह नौबत नहीं आती,” एक महिला ने कहा।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गर्मी के मौसम में स्थिति और ज्यादा विकट हो जाएगी, क्योंकि वर्तमान में ही कई हैंडपंप सूख चुके हैं और टैंकरों की व्यवस्था भी नियमित नहीं है। ऐसे में पीने के पानी की समस्या भयावह रूप ले सकती है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पानी की सप्लाई का एक निश्चित शेड्यूल तय किया जाए, ताकि हर घर तक पानी समय पर पहुंच सके। साथ ही, जिन्होंने सर्विस चार्ज की राशि जमा करवाई थी, उनकी जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
विरोध प्रदर्शन में महेंद्र काठात, केसाराम भाटी, आलम काठात, शाहबुद्दीन काठात, महेंद्र राम, सुरेश भाटी, गौतम प्रजापत, लोकेश, मदन प्रजापत, रामू देवी, दाकू देवी, संतोष रावत, मेमुना बानो, सुशील भाटी सहित बड़ी संख्या में पुरुषों और महिलाओं ने भाग लिया।06:53 PM




