

जवाजा।
राज्य सरकार द्वारा जिले के पुनर्गठन के बाद ब्यावर जिला को अस्तित्व में आए दो वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन इसके बावजूद पंचायत समिति जवाजा कार्यालय पर आज भी अजमेर जिला का बोर्ड लगा हुआ है। यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है।
उल्लेखनीय है कि जिस स्थान पर यह पुराना बोर्ड लगा है, उसके ठीक नीचे पंचायत समिति का वीडियो कॉन्फ्रेंस हॉल बना हुआ है, जहां नियमित रूप से अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग होती है। इसके बावजूद दो वर्षों से अधिक समय तक इस गलती पर किसी अधिकारी का ध्यान नहीं जाना कई सवाल खड़े करता है।
ग्रामीणों में इस मुद्दे को लेकर नाराजगी है। स्थानीय ग्रामीण सुरेश सिंह ने कहा कि जब पंचायत समिति जैसे महत्वपूर्ण कार्यालय में ही जिले का नाम अपडेट नहीं किया जा रहा है, तो इसका सीधा असर छोटे-छोटे ग्राम पंचायत भवनों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर पड़ता है। उन्होंने इसे प्रशासन की गंभीर लापरवाही बताया।
वहीं इस पूरे मामले को लेकर जब बलराम मीणा, विकास अधिकारी जवाजा, से जानकारी लेना चाही गई तो उन्होंने इस संबंध में कोई भी जवाब देना उचित नहीं समझा। अधिकारियों की चुप्पी से ग्रामीणों में और अधिक नाराजगी देखी जा रही है।




